Apr 2, 2013

शिक्षा के क्षितिज पर चिंताएं


तीन  साल पहले नई उम्मीदें पैदा हुई थीं- आज मायूसी नहीं, तो माहौल पर चिंता अवश्य छाई हुई है। मुफ्त एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) को लागू हुए सोमवार को तीन साल पूरे हो गए। खुद सरकारी आंकड़ों से साफ है कि इस अवधि के लिए तय कई लक्ष्य प्राप्त नहीं किए जा सके।

हालांकि सकारात्मक बात यह है कि इस दौरान प्राथमिक शिक्षा पर सरकारी बजट लगभग दोगुना हो गया, बड़ी संख्या में नए स्कूल खुले, 6 से 14 साल के एक करोड़ से अधिक बच्चों ने स्कूलों में दाखिला लिया और स्कूलों में कमरों तथा शौचालयों की व्यवस्था पहले से बेहतर हुई। लेकिन दूसरी तस्वीर यह है कि अभी भी लगभग 80 लाख बच्चे स्कूलों से बाहर हैं, जिनमें अधिकांश बाल मजदूरी या मानव तस्करी का शिकार हैं।

प्राथमिक विद्यालयों में 12 लाख शिक्षकों की कमी है, 20 फीसदी शिक्षक अप्रशिक्षित हैं और 41 प्रतिशत स्कूलों की कक्षाओं में छात्र-शिक्षकों का तय अनुपात हासिल नहीं किया जा सका है। अभी भी तकरीबन छह प्रतिशत विद्यालय ऐसे हैं, जहां पेयजल की व्यवस्था नहीं है। आरटीई में एक खास प्रावधान हर स्कूल में अभिभावकों की विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन है। मगर ये समितियां वास्तव में अपेक्षित भूमिका निभा रही हैं, यह कहना कठिन है।

क्या ये स्थितियां इस बात की तरफ इशारा नहीं करतीं कि एक ऐतिहासिक एवं कुछ अर्थो में युगांतरकारी- संवैधानिक प्रावधान करने में सहायक बनने के बावजूद केंद्र एवं राज्यों की सरकारें शिक्षा के प्रसार की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी के प्रति एक हद तक उदासीन बनी हुई हैं? आरटीई ने प्राथमिक शिक्षा को 6 से 14 वर्ष उम्र के हर बच्चे का मूल अधिकार बना दिया। निर्भय होकर परीक्षा के आतंक से दूर रहते हुए और अपनी सर्वागीण क्षमताओं का विकास करते हुए शिक्षा प्राप्त करना उनका हक बन गया।

स्वतंत्रता के छह दशक बाद इस कानून ने अशिक्षा एवं अमानवीय व्यवहार से बच्चों को मुक्ति दिलाने की संभावना पैदा की। इस संभावना को कुंद नहीं पड़ने दिया जाना चाहिए। इस पर कारगर अमल सुनिश्चित कराना दरअसल पूरे समाज का दायित्व है। अगर हम ऐसा कर पाए, तो विश्व बिरादरी में गर्व से हमारा सिर ऊंचा हो सकेगा। source

Tawa Pizza Recipe - तवे पर बना पिज़्ज़ा


पिज़्ज़ा तो सबको पसंद आता है, खासकर बच्चे तो पिज़्ज़ा को बहुत मज़े से खाते हैं. पिज़्ज़ा को घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. अगर ओवन ना भी हो तो भी आप पिज़्ज़ा को तवे पर बना सकते हैं. तवे पर बना पिज़्ज़ा भी उतना ही टेस्टी और यम्मी बनता है.

ज़रूरी सामग्री:

पिज़्ज़ा के आटे के लिए:

  • मैदा - 2 कप
  • ओलिव ओइल - 2 टेबल स्पून
  • नमक - आधा छोटी चम्मच (स्वादानुसार)
  • चीनी - 1 छोटी चम्मच
  • इन्स्टैंट  यीस्ट (Instant Yeast) - 1 छोटी चम्मच, लेवल करके

पिज़्ज़ा की टापिंग के लिए:

  • शिमला मिर्च - 1
  • बेबी कार्न -  3
  • पिज्जा सास - आधा कप
  • मोजेरीला चीज़ - आधा कप
  • इटेलियन मिक्स हर्ब्स -आधा छोटी चम्मच

बनाने की विधि:

मैदे को किसी बर्तन में छान कर उसमें ड्राई इन्सटेन्ट यीस्ट, नमक, चीनी और साथ में आलिव आयल डाल के मिला लें. फिर गुनगुना पानी डालते हुए इसे चपाती के आटे जैसा गूंथ लें. आटे को 5-7 मिनट तक मसलते हुए चिकना कर लें.
एक प्याले में तेल लगा कर उसे चिकना कर लें. आटे को उसमें डाल दें और फिर उसे ढक कर किसी गरम जगह पर 2 घंटे के लिए रख दें. इतने समय में आटा फूल कर दोगुना हो जएगा. जब आटा फूल जाए तो ये पिज़्ज़ा बनाने के लिए तैयार है.

टापिंग तैयार करें:

बेबी कार्न के आधा सें. मी. की मोटाई में गोल टुकडे़ काट लें. शिमला मिर्च से बीज निकाल कर इसे लंबा और पतला काट लें. अब सब्ज़ियों को तवे पर डाल कर चम्मच से चलाते हुए 2-3 मिनट में हल्की नरम कर लें.
अब आटे को आधा तोड़ ले़ इसकी गोल लोई बनाएं और उसे सूखे मैदे में लपेट कर आधा सेंमी. की मोटाई में 10-12 इंच के व्यास में बेल लें.
किसी नानस्टिक पैन या तवे को गरम करें. अगर नानस्टिक बर्तन नहीं है तो बर्तन में हल्का सा तेल लगा कर चिकना कर लें. अब बेले हुए पिज़्ज़ा बेस को इस गरम पैन पर डाले. इसपर ढक्कन रख कर 2 मिनट के लिए या पिज़्ज़ा की निचली सतह हल्की ब्राउन होने तक सेक लें. आंच को धीमी रखें.
जब पिज़्ज़ा की निचली सतह हल्की ब्राउन हो जाए तो इसे पलट दें और गैस को बिलकुल धीमी कर दें. अब बारी है पिज़्ज़ा की टापिंग करने की.इसके लिए पहली पिज़्ज़ा पर पतली सी सास की लेयर लगाएं. फिर शिमला मिर्च और बेबी कार्न को थोडी़-थोडी़ दूरी पर लगा दें. इन पर मोज़ेरेला चीज़ डाल दें.
पिज़्ज़ा को धीमी आंच पर ही 5-6 मिनट के लिए सेक लें. इसे हर 2 मिनट में चैक करते रहें. चीज़ के मेल्ट होने और पिज़्ज़ा की निचली सतह सिक कर ब्राउन होने तक सेक कर इसे तैयार कर लें.
यम्मी पिज़्ज़ा तैयार है. इसके उपर हर्बस डाल कर इसे काट लें. गर्मा-गर्म परोसें और खाएं.

ध्यान दें:

टोपिंग के लिए आप अपनी पसंद की कोई भी सब्ज़ी जैसे प्याज़, टमाटर, कार्न या आलिव ले सकते हैं. आटे में कोई भी कुकिंग आयल डाला जा सकता है.
अगर आप इन्सटेन्ट यीस्ट की जगह ड्राई यीस्ट ले रहे हैं तो इसे दूध और चीनी के गुनगुने घोल में 5 मिनट डाल कर एक्टिव कर लें.

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Nisha Madhulika
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Daal Chawal Paratha - दाल चावल के परांठे


आपके फ्रिज़ में कोई भी दाल और चावल बचे हों तो इनसे दाल चावल के परांठे बना लें. ये परांठे खस्ता बनते हैं और खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं. इन्हें बनाने के लिए आप मूंग, चने, अरहर या किसी भी दाल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

ज़रूरी सामग्री:

  • दाल - 1 कटोरी (जो भी दाल रखी हो)
  • चावल - 1 कटोरी
  • गेहूं का आटा - 2 कटोरी
  • नमक - स्वादानुसार (आधा छोटी चम्मच)
  • जीरा - आधा छोटी चम्मच
  • तेल या घी - परांठे बनाने के लिये

बनाने की विधि:

एक बर्तन में आटा छान कर इसमें नमक, जीरा और एक छोटी चम्मच तेल डाल कर मिला लें. इसमें दाल और चावल डालें और अच्छे से मिला लें. ज़रूरत के अनुसार पानी डालते हुए आटे को गूंठ लें. इसे 20 मिनट के लिए ढक कर रख दें. इतने समय में आटा सैट हो जाएगा. अब आटे को हाथों से मसल कर चिकना कर लें. परांठे बनाने के लिए आटा तैयार है.
तवा गरम करें. आटे से थोडा़ सा आटा लेकर एक गोल लोई बनाएं. इसे सूखे आटे में लपेटें और फिर चकले पर 3 इंच के व्यास में गोल बेल लें. बेले परांठे पर थोडा़ सा तेल या घी लगाकर चिकना करें और परांठे को चारों तरफ़ से उठाकर इकठ्ठा करते हुए गोल करें. इसे अच्छे से बंद करके हाथों से दबाकर चपटा कर लें.
तैयार लोई को फिर से सूखे आटे में लपेटकर 6-8 इंच के व्यास में गोल और थोडा़ मोटा बेल लें. अब गरम तवे पर तोडा़ सा तेल डाल कर फ़ैलाएं और इस पर बेला हुआ परांठा डाल दें. परांठे के दोनों तरफ़ थोडा़-थोडा़ तेल लगा कर इसे मीडियम आंच पर पलटते हुए हल्का ब्राउन और खस्ता होने तक सेक लें. जब परांठा सिक जाए तो इसे प्लेट में रख लें.
दाल चावल के गरमा-गरम परांठों को दही, आचार, चटनी या पसंद की सब्ज़ी के साथ परोस कर सभी को खिलाएं. इन्हें गरम-गरम खाने का मज़ा ही कुछ और है.

ध्यान दें:

इन परांठों में आप अपनी पसंद के अनुसार हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक आदि डालकर मसालेदार भी बना सकते हैं.


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