Jan 30, 2016

2013 में एचटेट करने वाले करीब पांच हजार उम्मीदवारों के अंगूठे की जांच शुरू

2013 में एचटेट करने वाले करीब पांच हजार उम्मीदवारों के अंगूठे की जांच शुरू
जागरण संवाददाता, भिवानी : वर्ष 2008 व 09 में हुए स्टेट (राज्य पात्रता परीक्षा) की जांच होने व घपला उजागर होने के बाद अब वर्ष 2013 में आयोजित की गई हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा की जांच भी शुरू हो गई है। भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर प्रदेश के पांच हजार से अधिक पात्रता परीक्षा पास उम्मीदवारों को अंगूठा जांच परीक्षा से गुजरना होगा। बृहस्पतिवार को शुरू हुई इस जांच में पहले दो दिन करीब चार सौ उम्मीदवारों ने यह परीक्षा दी।
सूत्र बताते हैं कि प्रदेश सरकार ने 2011 में एचटेट करने वाले उम्मीदवारों की भर्ती की थी। लेकिन वर्ष 2012 में पात्रता परीक्षा नहीं हो पाई और वर्ष 2013 में 2012-13 शिक्षा सत्र के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में पास होने वाले हजारों उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शिक्षक भर्ती में शामिल करने की अपील की थी। इस पर प्रदेश सरकार ने करीब 5 हजार पात्र उम्मीदवारों का सील बंद लिफाफा न्यायालय में पेश कर दिया। अब न्यायाधीश ने इन सभी पात्र अध्यापकों के अंगुठों की जांच करवाने के आदेश दिए हैं। यह जांच 28 जनवरी से भिवानी स्थित बोर्ड मुख्यालय के टीचर होम में शुरू हो गई है। हालांकि कल पंचायत चुनाव की मतगणना थी और इसके बावजूद यह जांच चली। जांच के लिए हर रोज दो सौ उम्मीदवारों को बुलाया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2011 के पास आउट की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और इस जांच में दो फर्जी सर्टिफिकेट पकड़े जा चुके हैं। अब देखना यह है कि 2013 में पास होने वालों की क्या स्थिति रहती है। हालांकि जांच लंबे समय तक चलेगी और आने वाले कुछ दिन और इंतजार करना होगा।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2008-09 में हुई स्टेट की जांच पिछले वर्षो के दौरान करवा चुकी है और इस जांच में बड़े पैमाने पर धांधली की रिपोर्ट सार्वजनिक हो चुकी है।

Jan 25, 2016

Rajasthan Nagar Palika Vacancy


Total No. of Posts: 1329
Name of the Post:
I. For Non TSP: 1244 posts
1. Executive Officer-IV: 47 posts
2. Revenue Officer-II: 20 posts
3. Revenue Inspector: 68 posts
4. Assistant Revenue Inspector: 85 posts
5. Solid Waste Manager: 72 posts
6. Health Officer: 26 posts
7. Assistant Engineer (Civil): 50 posts
8. Assistant Engineer (Electrical): 16 posts
9. Assistant Engineer (Mechanical): 09 posts
10. Assistant Engineer (Solid Waste Management): 50 posts
11. Town Planning Assistant: 19 posts
12. Senior Draftsman: 24 posts
13. Assistant Fire Officer: 18 posts
14. Fireman: 562 posts
15. Driver Fire Cum Fire Machine Operator: 178 posts
II. For TSP: 85 posts
1. Revenue Inspector: 05 posts
2. Assistant Revenue Inspector: 07 posts
3. Solid Waste Manager: 06 posts
4. Assistant Fire Officer: 01 post
5. Fireman: 48 posts
6. Driver Fire Cum Fire Machine Operator: 15 posts
7. Town Planning Assistant: 01 post
8. Senior Draftsman: 02 posts
Age Limit: Candidates age should be between 21 to 35 years for Post No.1 to 12 & 15, 18 to 35 years for Post No.13 & 14 as on 01-01-2016. 05 years of age relaxation is admissible for SC/ ST/ OBC/ Special BC (Non Creamy layer) Male candidates of Rajasthan. Refer the notification for complete details.
Educational Qualification: Candidates should possess Degree/ Equivalent for Executive Officer-IV, Revenue Officer-II, Revenue Inspector, Assistant Revenue Inspector, Solid Waste Manager, MBBS & D.Ph.D. degree for Health Officer, B.E. in Civil Engineering for Asst Engineer (Civil), B.E. in Electrical Engineering for Asst Engineer (Electrical), B.E in Mechanical Engineering for Asst Engineer (Mechanical), Master’s Degree in Environmental Engineering after bachelor’s degree either in Biotechnology or Chemical or Civil or Mining or Environmental or Textile Engineering for Asst Engineer ((Solid Waste Management), Secondary/ Equivalent with 06 months Basic Elementary Fireman Training/ Equivalent course for Fireman, Secondary with 06 months Fire Diploma and 03 years experience in heavy and light vehicle driving for Driver Fire Cum Fire Machine Operator. Refer the notification for remaining posts.
Selection Process: Selection will be based on Online Exam.
Last Date for Online Registration 03-02-2016 till 12:00 Midnight

Jan 24, 2016

B.Ed Admit Cards Jan 2016


B.Ed Reappear Admit card Jan , 2016

Click here to Download Admit Card 

Jan 22, 2016

HTET पात्रता परीक्षा : पुराने परीक्षा केंद्रों में नहीं बैठ सकेंगे उम्मीदवार

HTET पात्रता परीक्षा : पुराने परीक्षा केंद्रों में नहीं बैठ सकेंगे उम्मीदवार
जागरण संवाददाता, भिवानी:
हरियाणा पात्रता परीक्षा के लेवल-3 की पुन: परीक्षा को लेकर शिक्षा बोर्ड ने तैयारियां तेज कर दी है। 20 फरवरी को होने वाली परीक्षा में इस बार परीक्षार्थियों को घरेलू जिलों में तो टेस्ट देने का मौका मिलेगा पर पुराने सेंटर में नहीं बैठाया जाएगा। प्रदेश में इस बार भी कुल 470 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
बता दें कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने प्रदेश में हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा 14 व 15 नवंबर 2015 को आयोजित की थी। 14 नवंबर को पहले ही दिन लेवल-3 की परीक्षा आयोजित की गई और पहले ही दिन सोनीपत से प्रश्न पत्र लीक हो गया था। इस कारण बोर्ड प्रशासन को परीक्षा रद करनी पड़ी थी। प्रश्न पत्र लीक प्रकरण की जांच जहां जींद एसपी कर रहे हैं, वहीं बोर्ड प्रशासन भी अपने स्तर पर कर रहा है। इस बीच बोर्ड प्रशासन ने लेवल-3 की परीक्षा 20 फरवरी को आयोजित करने की घोषणा कर दी और इस परीक्षा की तैयारियां बोर्ड प्रशासन द्वारा जोर शोर से शुरू कर दी गई हैं। बोर्ड ने प्रदेश में इस बार भी परीक्षा केंद्रों की संख्या 470 ही रखी है। इनमें से 413 परीक्षा केंद्र आफ लाइन व 57 परीक्षा केंद्र सीबीटी के लिए बनाए गए हैं। सीबीटी (कंप्यूटर आधारित टेस्ट) के परीक्षा केंद्र हरियाणा के अलावा चंडीगढ़ व दिल्ली में भी बनाए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि इस बार बोर्ड प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों को घरेलू जिलों में तो बैठाया पर उन्हें पूर्व में अलाट किए गए परीक्षा केंद्रों को बदल दिया है, ताकि गड़बड़ी को रोका जा सके।
1 लाख 37 हजार 868 परीक्षार्थियों की होगी पुन: परीक्षा
14 नवंबर को प्रदेश के एक लाख 37 हजार 868 परीक्षार्थी लेवल-3 की परीक्षा में बैठे थे। लेकिन प्रश्न पत्र लीक होने के कारण इन परीक्षार्थियों को अब दोबारा से परीक्षा देनी होगी।
जिलेवार परीक्षार्थियों की स्थिति
अंबाला 4683
भिवानी 10225
फरीदाबाद 6223
फतेहाबाद 4128
गुड़गांव 7450
हिसार 11652
झज्जर 5783
जींद 7230
करनाल 5914
कैथल 5421
कुरूक्षेत्र 6802
म.गढ़ 7298
पंचकुला 3414
पानीपत 4840
रेवाड़ी 7827
रोहतक 11893
सिरसा 7551
सोनीपत 8667
यमुनानगर 4312
मेवात 874
पलवल 4145
चंडीगढ़ 120
दिल्ली 1290
मोहाली 120
कुल 137868

गर्म मौसम में छुट्टी, सर्दी में बच्चे जा रहे स्कूल

वाह रे शिक्षा विभाग, गर्म मौसम में छुट्टी, सर्दी में बच्चे जा रहे स्कूल
अमर उजाला, रोहतक
शिक्षा विभाग के नियम भी अजीबो-गरीब हैं। कैलेंडर के अनुसार, सर्दी से पहले ही दो सप्ताह की छुट्टी डाल दी गई तो अब लगातार बढ़ रही ठंड में बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि कोहरे और शीत लहर के बीच सुबह-सुबह मासूम ठंड से ठिठुरते हुए स्कूलों में जा रहे हैं, लेकिन इन मासूमों की सुध लेने वाला कोई नहीं।
सर्दी अधिक पड़ने पर हर वर्ष स्कूलों में छुट्टी कर दी जाती है। प्रदेश में शिक्षा विभाग के कैलेंडर पर नजर डालें तो इस वर्ष भी स्कूलों में 25 दिसंबर से 8 जनवरी तक छुट्टी रही। हालांकि इस अवधि में मौसम का मिजाज थोड़ा ठीक रहा और तापमान भी सामान्य चलता रहा। लेकिन पिछले कई दिनों से तापमान रोजाना एक या दो डिग्री नीचे गिर रहा है।
दिनभर कोहरे और शीत लहर के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऐसी कंपकंपाती ठंड में अब छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है। ठंड बढ़ने के कारण हर वर्ष छुट्टी की अवधि बढ़ा दी जाती है, लेकिन इस बार अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। शिक्षा विभाग के इस कैलेंडर पर अभिभावक भी सवाल उठा रहे हैं।
अभिभावकों की मानें तो सामान्य मौसम में छुट्टी का कोई औचित्य नहीं बनता। यही हाल रहे तो बच्चे सर्दी के कारण बीमार पड़ जाएंगे।
यह बोले संघ के पदाधिकारी
सर्दी बढ़ने पर छुट्टी बढ़ा दी जाती है, लेकिन इस बार कोई ध्यान नहीं दे रहा। पहली से लेकर 8वीं तक के बच्चों की छुट्टी होनी चाहिए और 12वीं तक के स्कूलों का समय बढ़ना चाहिए। संघ की तरफ से इसके लिए मांग की जाएगी।
- रामकिशन पूनिया, राज्य उपप्रधान, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ।

Jan 19, 2016

Theory date sheet for B.Ed. Reapper/Additional Examination Jan, 2016

Theory date sheet for B.Ed. Reapper/Additional Examination Jan, 2016

Date
Paper
28.01.2016
Education: Philosophical and Sociological Bases
29.01.2016
Learner, Learning and Cognition
30.01.2016
Secondary Education in India
30.01.2016
Environmental Education  / Yoga Education
01.02.2016
Curriculum and School Mgt.
01.02.2016
Inclusive Education
02.02.2016
Information Communication and Educational Technology
03.02.2016
Teaching of Math
Teaching of Home Sc.
Teaching of Commerce
Teaching of Art
04.02.2016
Teaching of English
Teaching of Sanskrit
05.02.2016
Teaching of Computer Sc
Teaching of Life Sc.
Teaching of Economics
Teaching of Geography
Teaching of Music
6.02.2016
Teaching of Social Studies
Teaching of Physical Sc.
Teaching of History
Teaching of Civics
08.02.2016
Teaching of Hindi




source

शिक्षकों की नियमित भर्ती न होने पर प्रधान सचिव काे अवमानना नोटिस


जागरण संवाददाता चंडीगढ़। हरियाणा में टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती न किए जाने पर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख दिखाया है। हाई कोर्ट ने इस संबंध में आदेश का पालन नहीं करने पर राज्य के शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव केसनी आनंद अरोड़ा के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया है।
हाई कोर्ट ने 15 सितंबर 2015 को टीजीटी कैडर के सभी रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने का अादेश दिया था। मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस आदेश का अनुपालना न करने पर अवमानना का नोटिस जारी किया। हाई कोर्ट ने 10 दिन में इस पर जवाब तलब किया है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट की जस्टिस अमित रावल की पीठ ने 15 सितंबर 2015 को हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग को टीजीटी कैडर के पंजाबी, उर्दू, डीपीई व अंग्रेजी भाषा के शिक्षकों के सभी स्वीकृत रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने का आदेश दिया था। लेकिन, चार माह से भी ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद शिक्षा विभाग ने अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। इस पर फतेहाबाद निवासी अरविंद सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है।
मंगलवार को मामले में याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता जगबीर मलिक ने कहा कि हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया था कि टीजीटी कैडर में पंजाबी,अंग्रेजी,डीपीई आदि के स्वीकृत पदों में से रिक्त बचे सभी पदों पर नियमित भर्ती की जाए। आदेश में यह भी साफ किया गया था कि टीजीटी अंग्रेजी के कुल 5815 स्वीकृत पदों में से विज्ञापित 1035 पदों के अलावा शेष बचे रिक्त पदों पर भी रेगुलर भर्ती की जाए।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने टीजीटी अंग्रेजी के 5815 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 1035 पदों पर ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि वर्ष 2011 में टीजीटी पंजाबी एचटेट पास कर चुके कई याचिकाकर्ताओं के प्रमाणपत्र की वैधता की अवधि इस वर्ष 2016 में समाप्त हो जाएगी और फ़रवरी व मार्च माह में उनकी आयु भी 42 साल की हो जाएगी यानि वो ओवरएज भी हो जाएंगे। इसके साथ ही वे भविष्य में आवेदन करने के योग्य ही नहीं रहेंगे।
उन्होेंने कहा कि हरियाणा सरकार ने पिछले 8-10 साल में नियमित टीजीटी पंजाबी भाषा शिक्षकों की भर्ती का कोई विज्ञापन ही जारी नहीं किया है जबकि ये पद लंबे समय से रिक्त पड़े है। प्रदेश में पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा भी दिया गया है लेकिन पंजाबी भाषा शिक्षकों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
इस पर हाईकोर्ट की जस्टिस राकेश कुमार जैन की पीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव को अवमानना का नोटिस जारी कर दिया। इस मामले पर अगली सुनवाई 29 जनवरी को निर्धारित की गई है।

Jan 14, 2016

83 दिनों से धरने पर बैठे छात्र आज करेंगे शिक्षा मंत्री के सामने प्रदर्शन

दिल्ली के सबसे व्यस्त चौराहे ITO के ठीक सामने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का दफ्तर है. यह दफ्तर देश में उच्च शिक्षा के लिए नियम और मानक तय करता है. इसके ठीक सामने दिल्ली पुलिस का मुख्यालय है. और यहीं पर पिछले 83 दिनों से छात्र धरने पर बैठे हुए हैं. दिन-रात मौसम, सरकार, और हिंसा से जूझते हुए. ये सभी अलग-अलग यूनिवर्सिटिज के छात्र हैं. इनमें लड़कियां भी शामिल हैं.  ये सारे छात्र Occupy UGC आंदोलन का हिस्सा हैं. आज ये सभी छात्र मानव संसाधन मंत्रालय के सामने प्रदर्शन करेंगे. 
क्या है Occupy UGC
7 अक्टूबर 2015 को यूजीसी ने नॉन नेट फेलोशिप बंद करने की घोषणा कर दी. नॉन नेट फेलोशिप सभी केंद्रीय विश्विद्यालयों में एमफिल और पीएचडी में एडमिशन लेने वाले छात्रों को मिलती है.  इस फेलोशिप के तहत एमफिल के छात्रों को हर महीने 5 हजार रुपये और पीएचडी स्टूडेंट्स को 8 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं. इसी राशि से हजारों स्टूडेंट्स अपना हॉस्टल और खाने-पीने का खर्चा निकालते हैं. यूजीसी के फैसले के विरोध में 21 अक्टूबर को यूजीसी के दफ्तर के बाहर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में अलग-अलग विश्विद्यालयों के छात्र शामिल थे. दिन भर यूजीसी दफ्तर के बाहर जमा छात्रों से मिलने कोई नहीं आया.
83 नॉट आउट
दो बार छात्रों का एक दल यूजीसी बिल्डिंग के अंदर अधिकारियों से मिलने भी गया लेकिन जवाब मिला कि हम कुछ नहीं कर सकते. इस बीच रात के 8 बज चुके थे. प्रेम प्रकाश वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में पीएचडी कर रहे हैं. उन्होंने बताया, 'जब हमारी मांग को सुनने तक कोई नहीं आया तो हम सबने आपस में तय किया कि जब तक हमारी बात सुन नहीं ली जाती हम यहां से हिलेंगे नहीं. अगले दिन दशहरा था. इस दिन किसी से मुलाकात नहीं हो पाई. हमने यहां सांकेतिक पुतला दहन भी किया. छात्र वहां से रात में भी नहीं हिले. ये सिलसिला आज तक चल रहा है.
23 को सुबह ही यूजीसी दफ्तर के सामने ढाई सौ से तीन सौ पुलिस वाले मौजूद थे. पुलिस प्रदर्शन कर रहे सारे छात्रों को बसों में भरकर हरियाणा बॉर्डर के पास ले गई.   हमारे बीच लगभग 14 अलग-अलग संगठन आंदोलन में शामिल थे. दिल्ली के अलावा एएमयू, बीएचयू, एयू सहित देश के कई यूनिवर्सटीज से छात्र मौजूद थे. हमने तब हमने 25 लोगों की एक समिती बनाई जो आंदोलन से जुड़े अहम निर्णय करती है. यूजीसी के फैसले के खिलाफ देश भर में छात्रों ने विरोध किया.  कोलकाता, हैदराबाद सहित अलग अलग यूनिवर्सिटीज में प्रदर्शन हुआ. कोलकाता में तो यूजीसी रिजनल ऑफिस पर जो प्रदर्शन हुआ उसका क्रूरता से दमन किया गया.
लेटलतीफ रिव्यू कमेटी
28 अक्टूबर को मानव संसाधन मंत्रालय ने इस मसले पर रिव्यू कमेटी बनाने की घोषणा की. रिव्यू कमेटी को रिपोर्ट देना था कि स्कॉलरशिप बढ़ाना है या खत्म करनी है. इसके अलावा कमेटी को यह भी तय करना था कि स्कॉलरशीप देने के लिए मेरिट और आर्थिक आधार के नियम तय करने की भी जिम्मेदारी दी गई. साथ ही कमेटी को इस पर भी सुझाव देना था कि कैसे नॉन नेट फेलोशिफ को स्टेट यूनिवर्सिटी में लाया जा सकता है. छात्रों ने रिव्यू कमेटी के गठन का विरोध किया. प्रेम प्रकाश कहते हैं, 'कमेटी बनाने की मंशा पर ही शक है. हमारी मांग है कि हर रिसर्च करने वाले छात्र को स्कॉलरशिप मिले लेकिन रिव्यू कमेटी इसके लिए मेरिट या आर्थिक आधार जैसे फिल्टर सुझाने वाली थी.' बहरहाल रिव्यू कमेटी को दिसंबर में अपनी रिपोर्ट देनी थी जो वो अभी तक नहीं दे पाई है.
गेट पर मिलीं स्मृति ईरानी
21 अक् टूबर से यूजीसी मेन गेट के सामने छात्र दिन-रात बैठे रहे लेकिन शिक्षा मंत्री से उनकी मुलाकात 5 नवंबर को हो पाई. प्रेम प्रकाश बताते हैं, 'पांच नवंबर को  एमएचआरडी के सामने  प्रदर्शन किया गया.  लेकिन हमेंं मेन गेट के बाहर ही रोक दिया गया.  हम सड़क पर ही थे कि अंदर से केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी बाहर आईं. उन्होंने कहा कि हमने पहले ही कह दिया है कि हम नॉन नेट फेलोशिप खत्म नहीं कर रहे. और आगे क्या फैसला होगा वो रिव्यू कमेटी के आधार पर ही होगा. इसके बाद वो अंदर चली गईं. मंत्री जी ने हमें रटा-रटाया जवाब दिया जिससे हम संतुष्ट नहीं थे इसलिए प्रदर्शन जारी रहा.'
छात्रों पर बरसी लाठी और पुलिस पर हुआ मुकदमा
प्रेम प्रकाश बताते हैं, '9 दिसंबर को हमने एक नेशनल मार्च निकाला. इस दिन पुलिस सीधे-सीधे लोगों के सर पर लाठी मार रही थी. महिला छात्राओं को भी पुरुष पुलिसकर्मी पीट रहे थे. इसके बाद सबको पार्लियामेंट थाने में बंद कर दिया गया. उस दिन 12 लोग एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती थे.  हमने पुलिस को कहा कि यह जो बुरी तरह से हमें पीटा गया है महिला छात्राओं को पुरुष पुलिसवालों ने पीटा है इस पर एक एफआईआर दर्ज किया जाए. पुलिस ने कहा कि ऐसी कोई प्रक्रिया ही नहीं है. इसके बाद कई संगठनों के दबाव के बाद पुलिस ने हमारी शिकायत दर्ज की.
विद्रोही स्थल

इस विरोध में शामिल छात्र देवेश ने एक बेहद खास जानकारी दी.   देवेश ने बताया, 'प्रख्यात क्रांतिकारी कवि रमाशंकर यादव 'विद्रोही '  भी यहां दो बार आए थे. उन्होंने प्रदर्शन में हिस्सा लिया, कविताएं सुनाई. 9 दिसंबर को हमने मार्च कॉल किया था. 8 दिसंबर को इसमें हिस्सा लेने विद्रोही जी आए. उनकी तबीयत ठीक नहीं थी. उन्होंने कहा मैं लेटना चाहता हूं. वो यहीं पंडाल में लेट गए. वहां उनकी तबीयत खराब होने लगी. उनको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. हमारे कुछ साथी उनको ऑटो में लेकर एलएनजेपी अस्पताल ले गए. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस जगह को हम विद्रोही स्थल के तौर पर याद करते हैं. हमने तय किया है कि आगे भी यहां कोई प्रदर्शन होगा तो इस जगह को विद्रोही स्थल ही बुलाया जाएगा.
अब सुनिए एक कहानी...
जापान के एक गांव कामी शिराताकी के रेलवे स्टेशन को 3 साल पहले सरकार ने बंद करने का फैसला किया था. लेकिन जब वहां की सरकार को पता चला कि हाईस्कूल में पढ़ने वाली एक लड़की वहां से रोजाना स्कूल जाती है और स्कूल तक पहुंचने के लिए ट्रेन के अलावा और कोई जरिया नहीं है. इस पर सरकार ने फौरन लड़की के लिए ट्रेन को दोबारा शुरू करने का ऑर्डर दिया. साथ ही यह भी कहा कि लड़की के ग्रेजुएशन पास होने तक ट्रेन जारी रहेगी. ट्रेन का शेड्यूल भी लड़की के स्कूल की टाइमिंग पर ही रखा गया. एक तरफ जापान की सरकार शिक्षा के प्रति इतनी संवेदनशील है वहीं भारत में देश की राजधानी में पिछले 83 दिनों से छात्र धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार के पास इनसे मिलने तक का वक्त नहीं है. छात्र 13 जनवरी को मानव संसाधन मंत्रालय के सामने प्रदर्शन करेंगे. अब थके मगर जोश से भरे इन छात्रों की निगाह सरकार के रवैये पर है. 

INFOLINK